श्रीराम कथा का सार जीवन में उतारने से मिलती ईश्वर की कृपा

श्रीराम कथा का सार जीवन में उतारने से मिलती ईश्वर की कृपा

संवादसूत्र,परियर:महर्षिवाल्मीकिआश्रमजानकीकुंडमेंचलरहीमहायज्ञ,श्रीरामकथाऔरश्रीकृष्णलीलामहोत्सवकेदूसरेदिनशनिवारकोश्रीरामकथाकोआगेबढ़ातेहुएकथावाचकआचार्यपुरुषोत्तमदासमहाराजनेकहाकिमर्यादापुरुषोत्तमश्रीरामकीकथाकेवलसुननेकेबजाएअमलमेंलाईजानीचाहिए,क्योंकिऐसाकरकेकोईस्वयंकेजीवनकोसहजऔरसरलबनासकताहै।विनम्रताव्यक्तिकोसभीकाप्रियबनातीहै।इसलिएऐसाआचरणकरनेवालेलोगोंकोईश्वरकीकृपाप्राप्तहोतीहै।

कथावाचकनेकहारामकथामनुष्यकेदैनिकजीवनकातनावकमकरतेहुएशांतिप्रदानकरतीहै।इससेउत्साहऔरउमंगविकसितहोताहै।श्रीरामनेगुरुकुलमेंरहतेहुएराक्षसोंकावधकरतेहुएशांतिकीस्थापनाकी।दूसरीतरफवनवासीजीवनमेंभीसबरीवजटायुसहितअन्यकाकल्याणकरतेहुएसर्वमंगलकासंदेशदियाहै।इसलिएहमकोभेदभावरहितहोकरसामाजिककल्याणकीभावनाविकसितकरनीचाहिए।

पुरुषोत्तमदासनेकहाकिप्रत्येकव्यक्तिभगवानकीकृपाऔरआशीर्वादप्राप्तकरनेकीकामनारखताहै।इसकेलिएहममनुष्योंकोभगवानश्रीरामकाप्रियबननेकेलिएसभीकेसाथसहयोगकीभावनाविकसितकरनीहोगी।इसकेसाथहीघमंडरहितहोकरसभीकोस्वयंकोश्रीरामकेसहारेछोड़देनाचाहिए।आयोजकसदरविधायकपंकजगुप्ता,उनकीपत्नीरश्मिगुप्ता,प्रखरगुप्ता,ब्लाकप्रमुखनीरजगुप्ता,जिलापंचायतसदस्यअरुणसिंह,प्रदीपसिंह,पवनसिंहआदिनेभंडारामेंप्रसादवितरणकेसाथयज्ञमेंआहुतियांडाली

ऊंस्वाहाकेस्वरसेगूंजावातावरण

यज्ञशालामेंदूसरेदिनसुबहहोतेहीवैदिकमंत्रोच्चारगूंजनेलगे।वाराणसीवनैमिषसहितअन्यस्थानोंसे27कुंडीययज्ञकरानेकेलिएआमंत्रितआचार्योने108यजमानोंकोयज्ञशालामेंबैठाकरपूजनकराया।इसकेबादयज्ञमेंआहुतियांडालीगई।यज्ञाचार्यअवधेशवशांतिस्वरूपनेबतायाकियहांनसिर्फवेदोंमेंबताईगईविधिसेअग्निप्रज्वलितकीगईहैबल्कियज्ञकर्मकेअन्यनियमोंकापालनकरायाजारहाहै।

नंदोत्सवलीलाकाहुआमंचन

यज्ञकेबादसायंचलरहीश्रीकृष्णलीलामेंशनिवारकोदूसरेदिनविष्णुशर्माकेनिर्देशनब्रजभाषीकलाकारोंनेपूतनावधवनंदमहोत्सवलीलाकामंचनकिया।श्रीकृष्णजन्मकीखुशियांउत्साहसेमनाईगई।कुछसमयकेलिएलीलापांडालनंदगांवबनगया।दर्शकतालियांबजानेकोविवशरहे।

दोपहरसेअनवरतचलाभंडारा

महायज्ञपरिसरमेंदोपहरसेशामतकभोगभंडाराभीचलाजिसमेंयज्ञ,श्रीरामकथाश्रवणवश्रीकृष्णलीलादेखनेपहुंचेश्रद्धालुओंनेभंडारेमेंप्रसादग्रहणकरतेरहे।