प्रतियोगिता परीक्षा से होता है बच्चो का बौद्विक विकास :निदेशक

प्रतियोगिता परीक्षा से होता है बच्चो का बौद्विक विकास :निदेशक

सीतामढ़ी।नाहरचौकस्थितआर्याप्रिपरेटरीस्कूलकेहास्टलपरिसरमेंआयोजितपुरस्कारवितरणसमारोहमेंविधालयकेनिदेशकसंजीतकुमारझानेकहाकिबच्चोकेबौद्विकविकासकेलिएप्रतियोगितापरीक्षाबहुतआवश्यकहै,इससेंउनमेंप्रतिस्पर्धाकीभावनाजागृतहोतीहैं।जोवर्तमानसमयकेलिएअतिआवश्यकहैं।उन्होनेबतायाकिविगत8अक्टूबरकोविधालयस्तरीयओलंपियाडपरीक्षाकाआयोजनकियागयाथा,जिसमेंलगभग800बच्चोनेभागलियाथा।जिसमेंस्कूलमेंसर्वश्रेष्ठस्थानपरवर्गदोकेछात्रहिमाँशुकोसाईकिल,दूसरेस्थानपररहीवर्गदोकीछात्रादीपालीकुमारीकोस्टडीटेबल,वतीसरेस्थानपरआयेंवर्गचारकेछात्रउज्ज्वलउमंगकोघड़ीप्रदानकियागया।इसकेअलावाप्रत्येकवर्गसेप्रथम,द्वितिय,वतृतियस्थानप्राप्तकरनेवालेंबच्चोकोट्राफी,मेडलवप्रशस्तिपत्रदेकरसम्मानितकियागया।सम्मानितहोनेवालेंछात्रोमेंवर्गएककीनव्याकुमारी,आर्षराज,सलोनीभारती,आयूष,आदित्यप्रकाश,आदर्शअभिनव,अंकितराज,देवेशकुमार,गौरवसांडिल्य,आशिषराज,दिव्यकुमार,अभिनवकुमार,प्रखरराज,प्रवीण,हिमाँशुकुमार,सिद्वाँतकुमार,आदर्शराज,आदित्यराज,प्रिया,उत्कर्षसुमन,ऋृषभकुमार,आशुतोषझा,अब्दुलवासित,शिवम,सुब्रत,सोनालिका,नरेन्द्रकुमार,अर्षराज,सुमितकुमार,शिवराज,चन्द्रप्रकाश,चिरागराज,ऋषिराज,अभिषेककुमार,कुँदनकुमार,मयंक,श्रीनिवास,अंजली,गोविन्दराज,आदित्य,भूषण,आर्यन,उज्जवलउमंग,तन्मयवत्य,अमृतसुमन,आदित्य,आभषमिश्रा,अविरल,सिद्वार्थकश्यप,रौनक,सँभवराज,कृष,ब्रजेशसुमन,श्रुति,आर्या,दिव्यांशसमेतदर्जनोछात्रशामिलथें।समारोहमेंअमितकुमारझा,समीरकुमारबबलू,संजीवरंजन,नवीनकुमार,रामरमापति¨सह,संजीवकुमारमिश्रा,अरविन्दकुमार,नीतारंजन,पूजाकुमारी,खुशबूकुमारीसमेंतसभीशिक्षक,वदर्जनोअभिभावकमौजूदथें।