निजी व सार्वजनिक वाहनों में बदलाव आज की आवश्यकता

निजी व सार्वजनिक वाहनों में बदलाव आज की आवश्यकता

संवादसहयोगी,तावडू़:देशमेंकोरोनावायरसकीवजहसे3मईतकलॉकडाउनहैऔरतबतकट्रांसपोर्टसिस्टमभीपूरीतरहठपहै।केवलआवश्यकवस्तुओंयासरकारीवाहनहीसड़कोंपरचलतेदेखेजासकतेहैं।लेकिनजबदेशलॉकडाउनसेबाहरनिकलेगातबभीक्यासहीस्थितिरहेगी?उत्तरमिलेगा-नहीं।तोउसपलक्याहमएकदमनिजीयासार्वजनिकवाहनोंमेंभीड़व्यवस्थाकाअंगबनजाएंगे?

क्याइससिस्टमसेहमकिसीभीसंक्रमणकाशिकारनहींहोंगे?यदिहोंगेतोक्याफिरइसट्रांसपोर्टसिस्टममेंवर्तमानपरि²श्यकेअनुरूपबदलावकीजरूरतनहींहै?अगरजरूरतहैतोफिरउसकीतैयारीअभीसेकरनीपड़ेगी।अगरआगेबस,ट्रेनवहवाईसेवाएंपूर्णतयाबहालहोतीहैंतोइनमेंबैठनेकीव्यवस्थासहितसंक्रमणसेबचनेकेअन्यसुरक्षात्मकउपायोंपरयातायातक्षेत्रकेविशेषज्ञोंसेबातचीतकी।प्रस्तुतहैंउनकेसाथबातचीतकेअंश:

लॉकडाउनकेबादजिसभीसार्वजनिकयानिजीवाहनमेंहमसफरकरेंगेउसेसैनिटाइजअवश्यकियाजानाचाहिए।फेसमास्कपहनकरयात्राकरनीचाहिए।उसमेंसीटिगव्यवस्थाऐसीहोजिससेकिदूसरेव्यक्तिमेंकिसीभीतरहकेसंक्रमणकीचपेटमेंआनेकीसंभावनाकतईनरहे।जहांतकसंभवहोहमहैंडग्लव्सपहनकरयात्राकरें।वक्तबदलावमांगताहैवउसकेअनुरूपस्वयंकोढालनाभीचाहिए।

महेंद्रजांगड़,ट्रांसपोर्टमालिक

अबहमेंभविष्यमेंबसयाट्रेनकासफरकरतेसमयइसबातपरगंभीरतासेध्यानदेनाहोगाकिकिसीभीतरहकीखाने-पीनेकीचीजोंसेजहांतकसंभवहोपरहेजकरें।बसमेंकोरोनाकेमद्देनजरएकसहीसीटिगव्यवस्थाकेसाथडिस्पोजलसीटकवरभीलगानेचाहिएजिन्हेंइस्तेमालकेबादफेंकाजासके।

सुभाषगर्ग,ट्रांसपोर्टमालिक