कठिन घड़ी में भी जलाए रखी शिक्षा की लौ

कठिन घड़ी में भी जलाए रखी शिक्षा की लौ

जागरणटीम,उन्नाव:मातापिताकेबादयदिकिसीकासम्मानसबसेऊपरहैतोवहहैगुरु।जिसकीशिक्षासेहीमनुष्यजीवनमेंबड़ासेबड़ामुकामहासिलकरताहै।कोरोनासंक्रमणसेजबपूरीदुनियासहमीहुईथी,उसदौरानभीगुरुजनोंनेविभिन्नमाध्यमोंसेअपनीपाठशालाएंचलाकरशिक्षाकीलौजलाएरखी।शिक्षकदिवसकीपूर्वसंध्यापरऐसेहीकुछगुरुजनोंकीबात..

मुहल्लेकेसाथइंटरनेटमीडियापरचलाईपाठशाला

सिकंदरपुरसरोसीब्लाककेउच्चप्राथमिकविद्यालयनयाखेड़ाकीसहायकशिक्षिकाशिखामिश्रानेबेसिककेबच्चोंकेलिएपठन-पाठनमेंरुचिबनाएरखनेकेलिएविभिन्नमाध्यमोंकासहारालिया।शिक्षिकानेकोरोनाकीपहलीलहरकेदौरानहीई-पाठशालाकेतहतइंटरनेटमीडियापरसाइटबनाकरगांवकेबच्चोंवउनकेअभिभावकोंकोजोड़ा।जहांप्रतिदिननिश्चितसमयसेबच्चोंकीपढ़ाईकेसाथसमाजकोकोरोनाकेप्रतिजागरूककरनेकाकामकिया।शिक्षिकानेदूसरीलहरकेदौरानभीइसीक्रमसेबच्चोंकोतोपढ़ायाही।जैसेहीसंक्रमणकीदरकुछकमहुईतोमोहल्लापाठशालालगानीशुरूकरदी।शिक्षिकाइसकेअलावापाडकास्ट(एकमीडियासंचिकाजोकिइंटरनेटपरफीडकार्यक्रमप्रसारितकरताहै।जिसेकंप्यूटर,आइपैडवस्मार्टफोनसेचलायाजासकताहै)सेभीस्कूलकेबच्चोंकोजोड़ेरखा।शिक्षिकाकेतैयारकिएगएनवाचारकेतहतगणितपाठ्यक्रम(घातांक)कोहालमेंराज्यशिक्षानिदेशककार्यालयसेचुनागयाहै।

घर-घरपहुंचशिक्षाज्ञानकेसाथदीसुरक्षा:सिकंदरपुरसरोसीब्लाकउच्चप्राथमिकस्कूलजूड़ापुरवाकेशिक्षकप्रवीणशर्मानेकोरोनासंक्रमणकेदौरानअपनादायित्वनिभाया।शिक्षकई-पाठशालाकेअलावासंबंधितगांवमेंबच्चोंकेमुहल्लेपहुंचकरशारीरिकदूरीकेमाध्यमसेकक्षाएंसंचालितकरतेरहे।इसदौरानबच्चोंकेअलावाउनकेअभिभावकोंवगरीबगांववालोंकोमास्क,सैनिटाइजरवितरणकेसाथकोरोनासेजागरुकताकापाठभीपढ़ाया।

शिक्षणमेंहावीनहोनेदीउम्र

फतेहपुरचौरासीमेंजिनकेपढ़ाएबच्चेअबसरकारीओहदोंमेंशिक्षकसेलेकरजजतकबनचुकेहैं।वहबुजुर्गशिक्षकरमाकांतशुक्लअबभीबच्चोंकोपढ़ानेमेंपूराजज्बादिखारहेहैं।फतेहपुरचौरासीनिवासीसेवानिवृत्तअंग्रेजीकेलेक्चरररमाकांतशुक्लनेकईकठिनाइयोंकासामनाकरतेहुएहुएअपनेजीवनकेमुख्यउद्देश्यकोप्राप्तकिया।रमाकांतशुक्लने1964कोपरिषदीयस्कूलोंमेंबतौरशिक्षकतैनातीमिलनेकेबादनौकरीरासनआनेपर11फरवरी1964कोजोधपुरमेंरेलवेकीनौकरीकरनेचलेगए।इसकेबादएकअगस्त1974कोयहनौकरीछोड़करफतेहपुरचौरासीकेजवाहरलालनेहरूइंटरकालेजमेंनौकरीकरनेलगे।उनकेशिक्षाज्ञानसेइंटरकालेजकाअंग्रेजीकारिजल्टनंबरएकपररहताथा।रिटायर्डहोनेकेबादघरपरहीगांवकेबच्चोंकोमुफ्तमेंशिक्षादेरहेहैं।

सर्वाेपरिरखतेशिक्षामंदिरकाख्याल

अचलगंजकेगौरीतिरभानपुरकेमूलनिवासीकमलेशत्रिवेदीसरकारीनौकरीसेभीसेवानिवृत्तहोगए,लेकिनउनकेमनमेंआजभीउसपरिषदीयस्कूलकेबच्चोंकाख्यालरखनेमंशाप्रबलहै,जहांउन्होंनेकक्षाएकसेपांचतककीपढ़ाईकीथी।वहनिजीधनसेविद्यालयमेंविज्ञानकक्षसहिततमामउनआवश्यकताओंकीपूर्तिकरतेहैं,जिनसंसाधनोंकीविद्यालयमेंउन्हेंकमीदिखतीहै।विद्यार्थियोंकोसर्दियोंमेंस्वेटरवकपड़ेहरसालवितरितकरतेहैं।इसबारभीकमलेशत्रिवेदीनेशनिवारकोशिक्षकदिवसकीपूर्वसंध्यापरशिक्षकोंमेंरामरत्न,अंजलीसक्सेना,प्रदीपभदौरिया,ममताकुमारी,अंशूपाण्डेय,महेंद्रमौर्य,शिवानीसचान,नरेंद्रनाथ,रीतेशशर्मा,आंगनबाड़ीकार्यकर्तासुभाषिनीकोसम्मानितकियाहै।बच्चोंकोपाठ्यसामग्रीबांटीहै।