बायोरेमिडेशन का 'साइनो' सई नदी को देगा नया जीवन

बायोरेमिडेशन का 'साइनो' सई नदी को देगा नया जीवन

ब्रजेशशुक्ल,उन्नाव

जिलेकेएकबड़ेभूभागसहितअन्यछहजनपदोंसेहोकरनिकलतीसईनदीकोगंदगीवकीचड़युक्तपानीसेजल्दनिजातमिलनेपरनयाजीवनमिलसकेगा।नगरनिकायोंकेअलावासंबंधितविकासखंडजहांसेसईकाप्रवाहहोरहाहै।वहांपरबायोरेमिडेशनयानीजैवोपचारणकीपद्धतिसेनदीकीगंदगीकोहटानेवक्षरणकाप्रयासकियाजाएगा।इसकेलिएसंबंधितईओ,बीडीओआदिकोनिर्देशदिएगएहैं।सईकेपानीकोशुद्धकरनेकेलिएबायोरेमिडेशनपद्धतिमें'साइनो'नामकबैक्टीरियाकाप्रयोगकियाजारहाहै।

खंडविकासक्षेत्रमेंशुरूहुएसईनदीकेसुंदरीकरणसेपहलेऔरासनगर,गंजमुरादाबादनगरपंचायतोंमेंनदीकेजलकोशुद्धकरनेकेलिएबायोरेमिडेशनकाकामशुरूकियाजाचुकाहै।औरासकेईओमनोजकुमारनेबतायाकिजहां-जहांसेसईकाबहावहै।वहांजैविकविधिसेनदीकेपानीकोशुद्धकरनेकीकवायदशुरूकीजाचुकीहै।ईओमनोजनेबतायाकिहमनेसईनदीकेपानीकोशुद्धकरनेकेलिएअपनेयहांसेगुजररहेमुख्यचौराहेसेसईनदीतकऔरकटरासेसईनदीतकवालेनालोंपरहीटैंकस्थापितकिएहैं।जिनमेंबायोरेमिडेशनसेमिश्रितपानीभरागयाहै।बतायाकिप्रत्येकटैंकमें500लीटरयहपानीभरवायागयाहै।इनटैंकोंमेंदोसेतीनटोंटीलगाईगईहैं।टोटियोंसेबायोरेमिडेशनमिश्रितपानीबूंद-बूंदटपकतारहताहै।प्रतिदिनइनटैंकोंकेपानीकोचेककरवाकरटापअपकियाजाताहै।ईओनेबतायाकिएनजीटी(नेशनलग्रीनट्रिब्यून)केनिर्देशानुसारबायोरेमिडेशनकीपद्धतिअपनाईजारहीहै।

तीनबारजांचाजाचुकाहैसईकापानी,20प्रतिशतआयासुधार

ईओनेबतायाकिसईनदीकेपानीकोशुद्धकरनेसेपहलेहमलोगोंनेपांचअक्टूबर2021कोइसकीजांचउक्तपद्धतिकोप्रयोगमेंलानेसेपहलेकराईथी।इसकेबादयहविधिप्रयोगकीगई।तबसेअबतकपानीकीतीनबारलखनऊकेजानकीपुरमेंस्थितएनएबीएलएक्रीडेटेडलैबरिलाइएबलटेस्टिंगहाउससेजांचकीजाचुकीहै।बतायाकिइसकामकेलिएअर्जफाउंडेशनकीसहायतालीजारहीहै।ईओकादावाहैकिइसविधिसेप्रत्येकमाह10प्रतिशतऔरकुललगभग80प्रतिशतपानीशुद्धहोजाएगा।फिलहाल18अक्टूबर,18नवंबरऔर18दिसंबरकोतीनबारपानीकीजांचहोचुकीहै।जिसमें20प्रतिशतसुधारआचुकाहै।

क्याहैबायोरेमिडेशन

एकऐसीविधिहैजिसमेंपर्यावरणप्रदूषणजैविकप्रणालियोंकाउपयोगकरनियंत्रितहोताहै।यहपर्यावरणऔरजीवोंकोप्रभावितकिएबिनासफाईप्रक्रियाकोगतिदेताहै।बायोरेमिडेशनकामुख्यउद्देश्यपर्यावरणमेंविषैलेयाखतरनाकपदार्थोंकोजैविकतरीकोंसेगैरविषैलेयाकमखतरनाकपदार्थोंमेंबदलनाहै।इनविधियोंकोलागूकरतेसमयसूक्ष्मजीवोंकीमुख्यचिताहोतीहैक्योंकिवेविभिन्नप्रतिक्रियाओंकाउपयोगकरनाऔरप्रदर्शितकरनाआसानहै।आनुवंशिकरूपसेसंशोधितसूक्ष्मजीवोंकाउपयोग,मूलसूक्ष्मजीवोंकाउपयोग,फाइटोरिडिएशन,बायोस्टिम्यूलेशन,जैवआक्षेपआदिइसपद्धतिकेमूलहैं।